10 मई 2020 - 10:44
अमरीका ने हेल्थ टेरोरिज़्म से विश्व में दो अरब लोगों की ज़िंदगियों में ख़तरे में डाल दिया हैः जाफ़री

बश्शार जाफ़री का कहना है कि कई प्रकार के प्रतबंध लगाने के बाद अब अमरीका ने हेल्थ टेरोरिज़्म नामके हथकण्डे को अपनाया है।

संयुक राष्ट्र संध में सीरिया के स्थाई प्रतिनिधि ने कहा है कि एकपक्षीय कार्यवाही करके अमरीका ने करोड़ों नहीं बल्कि अरबों ज़िंदगियों को पूरी तरह से ख़तरे में डाल दिया है।राष्ट्रसंघ में सीरिया के स्थाई प्रतिनिधि बश्शार जाफ़री ने कहा कि संसार के 29 देशों के विरुद्ध लगे प्रतिबंधों को हम "हेल्थ टेरोरिज़्म" के रूप में जानते हैं।  बश्शार जाफ़री का कहना था कि पश्चिमी देशों विशेषकर अमरीका ने पहले तो कई देशों के विरुद्ध राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक और मीडिया संबन्धित प्रतिबंध लगाए और अब उसने "हेल्थ टेरोरिज़्म" का सहारा लिया है।

बश्शार जाफ़री ने न्यूयार्क में एक सम्मेलन को वीडियो कांफ़्रेंसिंग के माध्यम से सबोधित करते हुए कहा कि कोरोना संकट ने सीरिया के लिए अधिक समस्याएं पैदा कर दी हैं।  उन्होंने कहा कि जिस चीज़ को "प्रतिबंधों" के नाम से जाना जाता है वह संयुक्त राष्ट्रसंघ के घोषणापत्र के अनुसार ग़ैर क़ानूनी है।  उनका कहना था कि राष्ट्रसंघ किसी भी प्रकार के प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता।  बश्शार जाफ़री ने कहा कि सीरिया के पूर्वोत्तरी और पश्चिमोत्तरी क्षेत्रों में सक्रिय आतंकवादी गुटों की अमरीका द्वारा पैसे और हथियारों से सहायात की जाती है जिसे मानवीय सहायता का नाम दिया जाता है।  उन्होंने कहा कि एकपक्षीय प्रतिबंधों को हटाने के लिए गंभीरता से कोई क़दम नहीं उठाया जा रहा है।  उनका कहना था हालांकि एकपक्षीय ढंग से लगाए गए प्रतिबंधों को समाप्त कराने पर आधारित राष्ट्रसंघ के महासचिव के हालयाि बयान का सीरिया स्वागत करता है।